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  • Naacho Jivan Hai Naach (Hindi wisdom bites)

    नाचो जीवन है नाच

    de Osho, ओशो ...
    प्रस्तुत पुस्तक में ओशो के अलग-अलग स्थानों पर 1967-68 में हुए प्रवचनों का अनुपम संग्रह है। इन प्रवचनों में जीवन के विभिन्न रूपों और स्थितियों पर ओशो ने प्रकाश डाला है। ... Leer más

    $4.99 USD

  • Aatmkranti/आत्मक्रांति

    ऊर्जा का क्षण-क्षण उपयोग : धर्मजो बुद्ध के पास था, ठीक उतना ही लेकर तुम भी पैदा हुए हो। तुम्हारी वीणा में और बुद्ध की वीणा में रत्ती भर का फासला नहीं है। भला तुम्हारे तार ढीले हों, थोड़े कसने पड़ें। या तुम्हारे तार थोड़े ज्यादा कसे हों, थोड़े ढीले करने पड़ें। या तुम्हारे तार वीणा से अलग पड़े हों और उन्हें वीणा पर बिठाना पड़े। लेकिन तुम्हारे पास ठीक उतना ही सामान है, उतना ही साज है, जितना बुद्ध के पास। ... Leer más

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  • Man aur Manushya/मन और मनुष्य

    गौतम बुद्ध ऐसे हैं जैसे हिमाच्छादित हिमालय। पर्वत तो और भी हैं, हिमाच्छादित पर्वत और भी हैं, पर हिमालय अतुलनीय है। उसकी कोई उपमा नहीं है। हिमालय बस हिमालय जैसा है। गौतम बुद्ध बस गौतम बुद्ध जैसे। पूरी मनुष्य-जाति के इतिहास में वैसा महिमापूर्ण नाम दूसरा नहीं। गौतम बुद्ध ने जितने हृदयों की वीणा को बजाया है, उतना किसी और ने नहीं। गौतम बुद्ध के माध्यम से जितने लोग जागे और जितने लोगों ने परम-भगवत्ता ... Leer más

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  • Anant Ke Yaatri/अनंत के यात्री

    धम्मपद : बुद्ध-वाणीलोभ संसार है, गुरु से दूरी हैजिसके मन में आज भी बुद्ध के प्रति अपार श्रद्धा है, उसके लिए बुद्ध आज उतने ही प्रत्यक्ष हैं जैसे तब थे। कोई फर्क नहीं पड़ा है। श्रद्धा की आंख हो तो समय और स्थान की सारी दूरियां गिर जाती हैं। आज हमसे बुद्ध की दूरी पच्चीस सौ साल की हो गई, यह समय की दूरी है। लेकिन प्रेम के लिए और ध्यान के लिए न कोई स्थान की दूरी है, न कोई समय की दूरी है। ध्यान और प्रेम की ... Leer más

    $2.99 USD

  • Apne Malik Aap/अपने मालिक आप

    साक्षीभाव : परम सूत्रमैं तुम्हें अपने पर नहीं रोकना चाहता। मैं तुम्हारे लिए द्वार बनूँ, दीवार न बनूँ। तुम मुझसे प्रवेश करो, मुझ पर रुको मत। तुम मुझसे छलांग लो, तुम उड़ो आकाश में। मैं तुम्हें पंख देना चाहता हूँ, तुम्हें बाँध नहीं लेना चाहता। इसीलिए तुम्हें सारे बुद्धों का आकाश देता हूँ। मैं तुम्हारे सारे बंधन तोड़ रहा हूँ। इसलिए मेरे साथ तो अगर बहुत हिम्मत हो तो ही चल पाओगे। अगर कमजोर हो, तो किसी कार ... Leer más

    $2.99 USD

  • Mitr Koun?/मित्र कौन?

    इस पुस्तक में महात्मा बुद्ध और उसके धम्म को लेकर ओशो द्वारा दिए गए प्रवचनों का संकलन है।द्रष्टा हो जाना बुद्ध हो जाना है। बुद्धत्व कुछ और नहीं माँगता, इतना ही कि तुम जागो, और उसे देखो जो सबको देखने वाला है। विषय पर मत अटके रहो। दृश्य पर मत अटके रहो। द्रष्टा में ठहर जाओ। अकंप हो जाए तुम्हारे द्रष्टा का भाव, साक्षी का भाव, बुद्धत्व उपलब्ध हो गया। और ऐसा बुद्धत्व सभी जन्म के साथ लेकर आए हैं। इसलिए मै ... Leer más

    $2.99 USD

  • Jaago Aur Jiyo/जागो और जिओ

    धम्मपद के तो अंतिम सूत्र का दिन आ गया, लेकिन इस सत्संग को भूल मत जाना। इसे सम्हाल कर रखना। यह परम संपदा है। इसी संपदा में तुम्हारा सौभाग्य छिपा है। इसी संपदा में तुम्हारा भविष्य है। फिर-फिर इन गाथाओं को सोचना। फिर-फिर इन गाथाओं को गुनगुनाना। फिर-फिर इन अपूर्व दृश्यों को स्मरण में लाना। ताकि बार-बार के आघात से तुम्हारे भीतर सुनिश्चित रेखाएं हो जाएँ। पत्थर पर भी रस्सी आती-जाती रहती है, तो निशान पड़ ज ... Leer más

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  • Atripti Kyu?/अतृप्ति क्यों?

    ध्यान आँख हैबुद्ध के साथ धर्म ने वैज्ञानिक होने की क्षमता जुटाई। बुद्ध के साथ धर्म वैज्ञानिक हुआ। बुद्ध के साथ विज्ञान की गरिमा धर्म को मिली। इसलिए यह आकस्मिक नहीं है कि आज विज्ञान के युग में जब राम फीके पड़ गए हैं और क्राइस्ट के पीछे चलने वाले भी औपचारिक ही क्राइस्ट का नाम लेते हैं, महावीर की पूजा भी चलती है, लेकिन बस नाममात्र को, कामचलाऊ, बुद्ध की गरिमा बढ़ती जाती है। जैसे-जैसे विज्ञान प्रतिष्ठित ... Leer más

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  • Jeene Ke Do Dhang/जीने के दो ढंग

    द्रष्टा हो जाना बुद्ध हो जाना है। बुद्धत्व कुछ और नहीं मांगता, इतना ही कि तुम जागो, और उसे देखो जो सबको देखने वाला है। विषय पर मत अटके रहो। दृश्य पर मत अटके रहो। द्रष्टा में ठहर जाओ। अकंप हो जाए तुम्हारे द्रष्टा का भाव, साक्षी का भाव, बुद्धत्व उपलब्ध हो गया। और ऐसा बुद्धत्व सभी जन्म के साथ लेकर आए हैं। इसलिए मैं तुमसे कहता हूं, बुद्धत्व जन्मसिद्ध अधिकार है। जब चाहो तब तुम उसे उठा लो, वह तुम्हारे भ ... Leer más

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  • Jeevan ke Pristh/जीवन के पृष्ठ

    धर्म तुम होबुद्ध मील के पत्थर हैं मनुष्य-जाति के इतिहास में। संत तो बहुत हुए, मील के पत्थर बहुत थोड़े लोग होते हैं। कभी-कभार, करोड़ों लोगों में एकाध संत होता है, करोड़ों संतों में एकाध मील का पत्थर होता है। मील के पत्थर का अर्थ होता है, उसके बाद फिर मनुष्य-जाति वही नहीं रह जाती। सब बदल जाता है, सब रूपांतरित हो जाता है। एक नई दृष्टि और एक नया आयाम और एक नया आकाश बुद्ध ने खोल दिया। बुद्ध के साथ धर्म अ ... Leer más

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  • Asambhav Kranti (Hindi Rligious)

    असंभव क्रांति

    de Osho ...
    Lectures by Acharya Rajneesh ... Leer más

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  • Audiolibro

    Ashtavakra Mahagita Vol.1

    de OSHO ...
    Narrado por OSHO, OSHO ...
    Series Audiolibro 1 - Ashtavakra Mahagitaa

    Completo

    16 hora 8 minutos

    Ashtavakra aur raja Janak ke beech is adbhut sanvaad ki garima ko Osho ne apni amrit vaani dwara uski poornata mein prakat kiya hai. Ashtavakra-Janak sanvaad evam prashnottar ke maadhyam se Osho dharm, saadhana, tatha chetna ki atal gahrai mein hamein le chalte hain. Is apoorva sanvaad ko mahageeta kehkar Osho ne usme anoothi praan-pratistha ki hai.Chapter 1: Satya Ka Shuddhatam VaktavyaChapter 2: ... Leer más

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