Skip to main content

Shopping Cart

You're getting the VIP treatment!

Item(s) unavailable for purchase
Please review your cart. You can remove the unavailable item(s) now or we'll automatically remove it at Checkout.
itemsitem
itemsitem

Recommended For You

Loading...


devkinandan khatri

Showing 1 - 12 of 12 results for “devkinandan khatri
Skip side bar filters
  • Chandrakanta Santati Part 5

    पठनीयता किसी भी उपन्यास की सबसे बड़ी ताकत होती है। यहाँ पठनीयता से तात्पर्य पाठक का किसी रचना के साथ आरम्भ से लेकर अंत तक गहरा सम्बन्ध स्थापित हो जाने से है। चन्द्रकान्ता संतति एक ऐसा ही उपन्यास है। हिंदी साहित्य के इतिहास में देवकीनंदन खत्री कृत ‘चंद्रकांता संतति’ एक ऐसा उपन्यास रहा है जिसने साहित्य के पाठकों के बीच में तहलका मचा दिया था। एक ऐय्यारी उपन्यास के रूप में प्रसिद्ध यह उपन्यास घटना प्रध ... Read more

    $0.99 USD

  • Chandrakanta Santati Part 3

    पठनीयता किसी भी उपन्यास की सबसे बड़ी ताकत होती है। यहाँ पठनीयता से तात्पर्य पाठक का किसी रचना के साथ आरम्भ से लेकर अंत तक गहरा सम्बन्ध स्थापित हो जाने से है। चन्द्रकान्ता संतति एक ऐसा ही उपन्यास है। हिंदी साहित्य के इतिहास में देवकीनंदन खत्री कृत ‘चंद्रकांता संतति’ एक ऐसा उपन्यास रहा है जिसने साहित्य के पाठकों के बीच में तहलका मचा दिया था। एक ऐय्यारी उपन्यास के रूप में प्रसिद्ध यह उपन्यास घटना प्रध ... Read more

    $0.99 USD

  • Chandrakanta Santati Part 4

    पठनीयता किसी भी उपन्यास की सबसे बड़ी ताकत होती है। यहाँ पठनीयता से तात्पर्य पाठक का किसी रचना के साथ आरम्भ से लेकर अंत तक गहरा सम्बन्ध स्थापित हो जाने से है। चन्द्रकान्ता संतति एक ऐसा ही उपन्यास है। हिंदी साहित्य के इतिहास में देवकीनंदन खत्री कृत ‘चंद्रकांता संतति’ एक ऐसा उपन्यास रहा है जिसने साहित्य के पाठकों के बीच में तहलका मचा दिया था। एक ऐय्यारी उपन्यास के रूप में प्रसिद्ध यह उपन्यास घटना प्रध ... Read more

    $0.99 USD

  • Chandrakanta Santati Part 6

    पठनीयता किसी भी उपन्यास की सबसे बड़ी ताकत होती है। यहाँ पठनीयता से तात्पर्य पाठक का किसी रचना के साथ आरम्भ से लेकर अंत तक गहरा सम्बन्ध स्थापित हो जाने से है। चन्द्रकान्ता संतति एक ऐसा ही उपन्यास है। हिंदी साहित्य के इतिहास में देवकीनंदन खत्री कृत ‘चंद्रकांता संतति’ एक ऐसा उपन्यास रहा है जिसने साहित्य के पाठकों के बीच में तहलका मचा दिया था। एक ऐय्यारी उपन्यास के रूप में प्रसिद्ध यह उपन्यास घटना प्रध ... Read more

    $0.99 USD

People who read these also enjoyed

  • Mansarovar 1 (मानसरोवर 1, Hindi)

    प्रेमचंद की मशहूर कहानियाँ

    by Prem Chand ...
    Series Book 1 - मानसरोवर
    कहते हैं जिसने प्रेमचंद नहीं पढ़ा उसने हिन्दुस्तान नहीं पढ़ा। प्रेमचंद ने 14 उपन्यास व 300 से अधिक कहानियाँ लिखीं। उन्होंने अपनी सम्पूर्ण कहानियों को 'मानसरोवर' में संजोकर प्रस्तुत किया है। इनमें से अनेक कहानियाँ देश-भर के पाठ्यक्रमों में समाविष्ट हुई हैं, कई पर नाटक व फ़िल्में बनी हैं जब कि कई का भारतीय व विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है। अपने समय और समाज का ऐतिहासिक संदर्भ तो जैसे प्रेमचंद ... Read more

    Was $1.99 USD Now $0.99 USD or Free with Kobo Plus

  • Mansarovar 2 (मानसरोवर 2, Hindi)

    प्रेमचंद की मशहूर कहानियाँ

    Series Book 2 - मानसरोवर
    "कहते हैं जिसने प्रेमचंद नहीं पढ़ा उसने हिन्दुस्तान नहीं पढ़ा।प्रेमचंद ने 14 उपन्यास व 300 से अधिक कहानियाँ लिखीं। उन्होंने अपनी सम्पूर्ण कहानियों को 'मानसरोवर' में संजोकर प्रस्तुत किया है। इनमें से अनेक कहानियाँ देश-भर के पाठ्यक्रमों में समाविष्ट हुई हैं, कई पर नाटक व फ़िल्में बनी हैं जब कि कई का भारतीय व विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है।अपने समय और समाज का ऐतिहासिक संदर्भ तो जैसे प्रेमचंद ... Read more

    Was $1.99 USD Now $0.99 USD or Free with Kobo Plus

  • Manorama by Munshi Premchand: A Tale of Love and Sacrifice in Traditional India

    मनोरमा: प्रेमचंद के इस गहरे सामाजिक उपन्यास में, रानी मनोरमा के जीवन के माध्यम से उस समय की नारी व्यथा को उजागर किया गया है। जानिए कैसे प्रेमचंद ने इन संघर्षों और दुःखों को संवेदनशीलता और गहराई के साथ व्यक्त किया। यह पुस्तक आपको उस युग में नारी जीवन के जटिल पहलुओं से परिचित कराती है। प्रेमचंद की अद्वितीय लेखनी ने एक बार फिर नारी व्यथा और समाजिक मुद्दों को उजागर करते हुए मनोरमा के पात्र में जीवन द ... Read more

    $0.99 USD or Free with Kobo Plus

  • Swayam Ki Awaaz

    Shore Bhari Iss Duniya Mein Shanti Kaise Paayein

    by Prem Rawat ...
    The cacophony of modern life can be deafening, leaving us feeling frazzled and uneasy. In this warm, wise book, Prem Rawat teaches us how to turn down the noise to "hear ourselves". Once we learn to truly "hear ourselves" and the voice of peace within, then we can hold that within us as we face all the noise of the world. The culmination of a lifetime of study, Swayam Ki Awaaz lays out the crucial ... Read more

    $7.99 USD

  • Story Collection : Famous Stories of Hindi Literature (कहानी संग्रह : हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कहानियाँ)

    by Gaurav Kumar ...
    कहानियों का हमारे जीवन पर एक अद्भुत असर होता है| एक छोटी सी कहानी, हमारे विचारों में बड़ा बदलाव ला सकती है| मैं यहाँ पर एक प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो शायद आपने सुनी हो लेकिन हो सकता कि उसका अभी तक आपने अपने जीवन मैं उपयोग नहीं लिया हो| यह कहानी यह बताती है कि आप मानों या न मानों लेकिन कुछ फर्क तो पड़ता ही है| ... Read more

    $1.99 USD or Free with Kobo Plus

  • Munshi Premchand Ki Panch Kahaniya, Volume 3

    Munshi Premchand (1880-1936)Premchand was the pen name adopted by the Hindi writer Dhanpatrai who was born on 31 July 1880 at Lamati near Varanasi. His early education was in a madarasa under a Maulavi, where he learnt Urdu. When he was studying in the ninth class he was married, much against his wishes. He was then fifteen. In 1919, while he was a teacher at Gorakhpur, he passed his B.A., with ... Read more

    $2.99 USD

  • Nirmala

    by Premchand ...
    समाज, सामाजिक संबंधों का जाल है। इन्हीं संबंधों के जाल की मर्यादा कायम रखने के लिए निर्मला का विवाह एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति से कर दिया जाता है, जिसकी प्रथम विवाहिता से तीन बच्चे हैं। निर्मला अपने इस नए परिवार में व्यवस्थित जीवन व्यतीत करने की कोशिश कर रही है पर बाल मन होने के नाते वह उन परिस्थितियों से जूझने में असमर्थ है। अन्त में निर्मला की मृत्यु हो जाती है, जो इस अधम सामाजिक प्रथा को मिटा डालन ... Read more

    $0.99 USD

  • Himalaya Ka Samarpan Yog 1

    Himalaya ke ek Sakshatkari rishi ki aatmkatha ek adhyatmik prayas

    Himalaya ke ek Sakshatkari Rishi ki AatmkathaEk Adhyatmik Prayas'Himalaya Ka Samarpan Yog' is a series, based on the Maharishi ShivKrupanand Swamiji's spiritual migration. This is a living experience of an ordinary man's journey from 'Nar to Narayan'. Many people have attained self-realization through this 'living scripture' and many generations to come will be able to attain self-realization ... Read more

    $9.99 USD